आनंदतीर्थ माता वेदरी

31-May-2017


आनंदतीर्थ माता वेदरी

 
आनंदतीर्थ शिक्षा प्रकल्प माता बेदरी शाहपुर
माता वेदरी तहसील बैरसिया जिला - भोपाल
संपर्क - प्रबंधक , श्री नारायण चौहान 07694800266
प्राचार्य - श्री बनवारी धनगर 09644488661
कक्षा ६ से 10 तक (ग्राम्य शिक्षा का प्रकल्प )


आनंदतीर्थ शिक्षा प्रकल्प माता बेदरी शाहपुर
ग्राम भारती शिक्षा समिति मध्यभारत प्रान्त द्वारा संचालित आनंदतीर्थ शिक्षा प्रकल्प माता बेदरी शाहपुर ग्रामींण शिक्षा का एक महत्वकांक्षी प्रकल्प विगत दो वर्षों से संचालित है। प्रकल्प के महत्वपूर्ण उपक्रम

विद्यालय -

गत शिक्षा सत्र में 48 छात्रों से प्रारंभ किया यह विद्यालय आज 224 भैया-बहिनों के लिए प्रभावी शिक्षा केन्द्र के रूप में उभरा है। विद्यालय में 16 ग्रामों से भैया-बहिन पढ़ने आते है। वर्तमान में कक्षा अरूण से दशम् तक यह विद्यालय संचालित है।

शिक्षा में नवाचार -

नये-नये आवश्यक परिवर्तनों को विद्यालय के शिक्षा तंत्र ने स्वीकारा है। इस हेतु गतिविधि आधारित शिक्षण में नये आयामों को जोड़ते हुए प्रयोग है।

विज्ञान में अभिरूचि वाले छात्रों के लिए - इनोवेसन क्लव जिसके माध्यम से प्रत्येक दिन प्रार्थना सभा के बाद विज्ञान के सिद्धान्तों को प्रयोग रूप में प्रस्तुत किया जाता है।

नवीनतम ज्ञान प्राप्ति हेतु -

नालेज बैंक जिसके माध्यम से अनुभवसिद्ध ज्ञान के माध्यमों को समाचार पत्रों में प्रत्येक दिन स्थान दिया जाता है।

सृजनात्मकता को बढ़ाने हेतु -

क्रिऐटी विटी इस गतिविधि द्वारा कबाड़ से जुगाड़ अर्थात खराब हो चुकी वस्तुओं का उपयोग कर उपयोगी सामान बनाने का कार्य किया जाता है।

सकारात्मकता वृद्धि हेतु -

इस गतिविधि के माध्यम से छात्रों में सकारात्मक अभिवृति की वृद्धि के लिए प्रतिदिन प्रार्थना सभा में सफल व्यक्तियों के जीवन परिचय और उनके जीवन संघर्ष की गाथा सुनाते है।

मस्तिष्क के विकास के लिए

इस गतिविधि के माध्यम से पहेलियों और अन्य गतिविधियों द्वारा छात्रों में तर्कज्ञान का विकास कराने के कार्यक्रम किये जाते है।

इस वर्ष विशेष -

शिशु कक्षाओं के लिए प्रयत्नशील शिशु वाटिका के 12 शैक्षिक व्यवस्थाओं का नियोजन किया है।

उपलब्धियाँ -

जिला स्तर पर खेल आयोजनों में 28 छात्रों ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।

आगामी योजना -

कौशल विकास केन्द्र हेतु आई.आई.टी. की मान्यता - ग्राम स्वावलम्बन हेतु अध्यात्मिक कृषि व्यवस्था के प्रयोग का केन्द्र विकसित करना।