वनवासी शिक्षा का सामाजिक सरोकार

06-Jun-2017


सामाजिक सरोकार

 
जल महोत्सव
भैंसदेही तहसील के ग्राम बैलढाना में जल_महोत्सव | 
सन २००५ में यहाँ विद्या भारती की जनजाति शिक्षा के द्वारा एकल शिक्षक विद्यालय प्रारम्भ हुआ | सन २००६ में बुधपाल सिंह जी, Govind Carpenter जी, Roopsingh Lohane जी के साथ बैतूल जिले में की शिवधज (शिक्षा वन धर्म जल) रक्षा पदयात्रा का हमारा पहला पढ़ाव ग्राम बैलढाना ही था | उस समय गाँव में कुछ पौधरोपण हुआ | उसी समय पहली बार ग्राम में श्री गणेश मूर्ति की स्थापना हुई | मूर्ति स्थापित होने से गाँव में नशा करने वालों की संख्या कम हुई | उसके बाद पंडित Shyam Manawat जी की रामकथा इस गाँव में हुई | गाँव में हनुमान जी की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा हुई | गाँव के अधिकाँश लोगों ने तब से नशा करना बंद कर दिया | नशा बंद होने लोगों की आय में वृद्धि हुई | लोगों ने इसे रामकथा का ही प्रभाव माना | बोरी_बंधान और पंचायत द्वारा निर्मित पाटिया डेम से गाँव की सूखी धरती में पानी लगने लगा | मध्यप्रदेश शासन की योजना कपिल धारा कुओं ने ग्राम की सिंचाई का रकबा बढ़ा दिया |
इस बार वर्षा कम हुई है | इसलिए जल सहेजने की चिन्ता ग्रामीणों को होने लगी है | लैकिन अभी भी सभी की आशायें सरकार पर ही लगी रहती है | पर एकल विद्यालय के माध्यम से कोई आव्हान हुआ तो गाँव के लोग जुट जाते हैं | आज बोरी बंधान में गाँव के सभी आयु वर्ग का प्रतिनिधित्व हुआ |






 


जल_प्रबन्धन
आज बोरी_बंधान के लिए कढ़ाई ग्राम में गए तो देखा पंचायत द्वारा निर्मित "पटिया डेम" से पानी बह रहा था | विद्या भारती द्वारा संचालित सरस्वती संस्कार केन्द्र के बच्चों और गाँववासियों के सहयोग से उसी में मिट्टी भरकर जल_संरक्षण किया | इस पटिया डेम से हर वर्ष कम से कम तीस एकड़ जमीन में सिंचाई होती है |
आज के जल_महोत्सव में जनजाति शिक्षा के प्रान्त प्रमुख बुधपाल सिंह जी, वनवासी कल्याण आश्रम के जिला सचिव Pooran Parte जी, छुट्टियों में घर आये भारतीय सेना के जवान श्री राजेश सिंह सहित ग्राम के सचिव व संस्कार केन्द्र के संयोजक मण्डल के सदस्यों ने श्रमदान किया |



 
ग्राम जोगली में जल_महोत्सव
विद्या भारती के द्वारा ग्राम-ग्राम में संचालित छोटे-छोटे अनौपचारिक शिक्षा केन्द्रों (एकल विद्यालय) का समाज में धीरे-धीरे कितना असर होता है | अब उसका प्रभाव देखने को मिल रहा है | आज जहाँ लोग अपने घर के सामने का पड़ा कचरा फेंकने के लिए सरपंच की राह देखते हैं वहीं कुछ गाँव ऐसे भी हो रहे हैं जहाँ लोग अपने व्यक्तिगत काम छोड़कर ग्राम हित के लिए समय देने लगे हैं |
गाँव के बूढ़े, बच्चे जवान, महिलायें सभी आये, अपने गाँव का पानी गाँव में रोकने के लिए और सुबह नौ बजे से बारह बजे तक तीन घन्टे में थाम लिया अपने गाँव की सड़क किनारे बहने वाली नदी की पतली धार को | बोरियाँ कम पड़ जाने से थोड़ा काम बाकी रह गया |
अखिल भारतीय वनवासी कृषि ग्रामीण मजदूर महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री आदरणीय अरविन्द जी मोघे ने बैतूल जल प्रबन्धन की बहुत चर्चाएँ सुनी थी | उन्होंने ने भी आज पूरे समय उपस्थित रहकर सबका उत्साहवर्धन किया | जनजाति शिक्षा के प्रान्त प्रमुख बुधपाल सिंह जी, जिला प्रमुख Bajiram जी संकुल प्रमुख Jamdusingh Ahake जी सहित गाँव के सरपंच, पञ्च, सचिव तथा सभी प्रमुख लोगों ने बोरी बन्धान में श्रम साधना की |
 


 
हरियाली_महोत्सव 

पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से विद्या भारती जनजाति क्षेत्र की शिक्षा द्वारा प्रतिवर्ष दो बड़े अभियान लिए जाते हैं | एक, जल संरक्षण हेतु जल_महोत्सव के तहत बोरी_बंधान तथा दूसरा, हरियाली महोत्सव के अंतर्गत पौधारोपण | बैतूल जिले के साढ़े चार सौ से अधिक गाँवों में इन दोनों अभियानों से जल संवर्धन तथा हरियाली में वृद्धि के साथ-साथ ग्रामीणों में जागरूकता भी बढ़ी है | 
भारत_भारती में आयोजित जिला बैठक में हरियाली महोत्सव का शुभारम्भ प्रान्त प्रमुख बुधपाल सिंह जी, तथा भारत भारती के उपाध्यक्ष डॉ. रमापति जी के द्वारा जिले भर के कार्यकर्ताओं को अपने खेत की मेढ़ में लगाने के लिए भारत भारती नर्सरी से आम, नीम, करंज, जामुन, अशोक आदि के पौधे वितरित किये गए |
 



 


विश्व आदिवासी दिवस

विश्व आदिवासी दिवस पर जनजाति शिक्षा विद्या भारती, सतपुड़ा जनजाति मंच तथा सतपुड़ा समग्र जनकल्याण समिति बैतूल द्वारा विशाल रैली एवं सभा का आयोजन भारत भारती ग्राम जामठी में किया गया | जिसमें बड़ी संख्या में बैतूल विकासखंड के जनजाति महिला-पुरुषों ने सहभागिता की |
सम्पूर्ण कार्यक्रम जनजाति भाषा गोंडी में ही संपन्न हुआ | जिसमे सतपुड़ा जनजाति मंच के संयोजक श्री नागुराव सिरसाम, वनवासी कल्याण आश्रम के जिला सचिव Pooran Parteजी, विद्या भारती जनजाति शिक्षा के प्रांत प्रमुख बुधपाल सिंह जी, जनजाति परिषद के Durgadas Uikey जी आदि वक्ताओं ने जनजाति समाज को शिक्षित, जागरूक तथा संगठित होने पर बल दिया | वक्ताओं ने चर्च तथा अन्य ईसाई मिशनरियों के मतांतरण के कुचक्र में न फंसकर अपने जनजाति धर्म का पालन करने का सभी से आव्हान किया तथा एवं समाज विरोधी विचारधारा के संगठनों से सचेत रहने को कहा |
वक्ताओं ने कहा कि पूरे विश्व को पर्यावरण और धरती की रक्षा की सीख जनजाति समाज से लेना चाहिये जो आदिकाल से पहाड़, पेड़, पत्थर, जल तथा नदियों को पूजता हुआ आ रहा है इसके कारण जहाँ जनजाति समाज रहता है वहाँ आज भी जंगल बचा हुआ है | लोगों की ये धारणा गलत है कि जनजाति समाज जंगल में रहता है, जबकि जंगल उसके कारण बचा है | कार्यक्रम की अध्यक्षता जनपद सदस्य श्रीमती रोमी बलवंत धुर्वे ने की |
 



 


जल प्रबन्धन कार्यशाला
जल प्रबन्धन कार्यशाला - गाँव का पानी कौन रोकेगा- हम रोकेंगे ,हम रोकेंगे | भाऊराव देवरस सेवा न्यास संचालित सरस्वती संस्कार केन्द्र जिला बैतूल के द्वारा 9/10/2015 को " जल प्रबन्धन कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें बैतूल विकास खंड के 61 ग्रामों के 200 से अधिक महिला - पुरुषों नें भाग लिया | संस्कार केन्द्रों के माध्यम से प्रति वर्ष मध्य भारत प्रांत के वनवासी ग्रामों में "बोरी बन्धान" कर जल प्रबन्धन का कार्य आचार्य - दीदियों व भैया- बहिनों और संयोजक मंडल के सदस्यों द्वारा किया जाता है|इस वर्ष का यह आयोजन उसी का हिस्सा है | कार्यशाला में विद्या भारती जनजाति क्षेत्र की शिक्षा के क्षेत्र प्रमुख मा.मोहन जी नागर का मार्गदर्शन मिला ,मुख्य अतिथि बैतूल विधायक मा.हेमन्त जी खंडेलवाल ,अध्यक्ष श्री तेजीलाल जी धुर्वे पूर्व सरपंच चिखलीमाल विशेष अतिथि डा.रमापति मणि त्रिपाठी जी ,भा.भा.प्राचार्य श्री राहुलदेव जी ठाकरे रहे | (भारत भारती आवासीय विद्यालय ) परिसर जामठी बैतूल |