शारदा विहार

31-May-2017


शारदा विहार

 
सरस्वती विद्या मंदिर,शारदा विहार
शारदा विहार परिसर केरवा डेम मार्ग, भोपाल
संपर्क - प्रबंधक ,  श्री अजय शिवहरे - 7747006751
संपर्क - प्राचार्य ,  श्री राजेश तिवारी    7747006752
कक्षा ६ से 12 तक CBSE से संचालित 
http://shardavihar.org/
 
 


शारदा विहार शैक्षिक संस्थान-
शारदा विहार जनकल्याण समिति भोपाल द्वारा संचालित शारदा विहार शैक्षिक संस्थान अर्थात् मानवीय मूल्यों के साथ आधुनिक शिक्षा का समावेश। भैयाओं के सर्वांगीण विकास की अवधारणा को स्पष्ट करने के लिए शारदा विहार शैक्षिक संस्थान में विभिन्न आयामों को स्थापित किया गया है। इसके अंतर्गत विभिन्न प्रकल्पों में शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, जैविक कृषि एवं गौशाला का संचालन हो रहा है।
आवासीय विद्यालय- संख्या- वर्तमान वर्ष में विद्यालय में 7 राज्यों के 48 जिलों से 635 भैया अध्ययनरत् हैं। इनकी शिक्षा साधना में व्यवस्था एवं शिक्षण मिलाकर कुल 52 आचार्य एवं दीदीयाँ अपनी सेवाएॅं दे रहे हैं। इनकी दैनिक दिनचर्या को सरलता प्रदान करने के लिए महिला पुरूष मिलाकर कुल 65 कर्मचारी कार्यरत हैं।

कामधेनु गौशाला एवं अनुसंधान केन्द्र- 
कामधेनु गौशाला पिछले वर्षों में आत्मनिर्भर हुई है। दूध की गुणवत्ता बढ़े और गौवंश सुरक्षित रहे इसलिए गौशाला में डाॅक्टर नियमित बुलाया जा रहा है। गौवंश के खानपान की दृष्टि से अधिक पौष्टिक आहार की उपलब्धता की जा रही है। इस वर्ष 25 गौवंश दूध के लिए तैयार हो रहे हैं। कुल 150 लीटर दूध प्रतिदिन वर्ष भर भोजनालय को प्रदाय किया गया है।

अनुसंधान केन्द्र में कुल 42 प्रकार की औषधि का निर्माण किया गया। अभी वर्तमान में 6 जिलों में औषधि विक्रय केन्द्र स्थापित किए गए हैं। जहाँ हमारे कार्यकर्ता वितरण का कार्य कर रहे हैं। अनुसंधान केन्द्र में कुछ नए उत्पाद तुलसी अर्क तथा विषतेल बनाना प्रारम्भ किया गया है। आॅंवले के उत्पाद भी बनाए गए हैं जिसका विक्रय किया जा रहा है।

शारदा विहार शिक्षा महाविद्यालय भोपाल- 
शारदा विहार जनकल्याण समिति के अथक प्रयासों से इस वर्ष अपने परिसर में शारदा विहार शिक्षा महाविद्यालय प्रारम्भ हो गया है। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय द्वारा द्वारा कालेज को मान्यता भी प्राप्त हो गयी है। प्रथम वर्ष ही महाविद्यालय में 100 विद्यार्थी हो चुके हैं जो कि अपने आप में उपलब्धि है। शिक्षक प्रशिक्षण के लिए उपयोगी डी.ई.एल.एड. और डी.पी.ए.एस.ई. कोर्स भी अतिशीघ्र प्रारम्भ होने वाले हैं।